मेरे बाबू जी

मेरे बाबू जी


समस्त गुणों का भंडार थे मेरे बाबू जी
हम सब बच्चो का संसार थे मेरे बाबू जी
जमाने भर की खुशियां बांटते थे हमसे
आप ही हमारा पूरा परिवार थे बाबू जी।

जैसे आप गए छोड़कर वैसे कहा कोई जाता है
देह त्यागने से पहले कौन भगवान भजन गाता है।
सच है की आप भगवान का अवतार थे बाबू जी
हम सब बच्चो का सारा संसार थे बाबू जी

जितना आपने किया उतना कहा कोई करता है
खुद की परवाह छोड़ नाती पोतों पर मरता है
प्यार को परिभाषित करे तो प्यार थे बाबू जी
हम सब बच्चो का सारा संसार थे बाबू जी।।

कार्यरत रहते हुए भी अपने लिए कहां कुछ किया है
पाई पाई जोड़कर केवल और केवल दिया ही दिया है।
हम सब जहां है सब आपके ही उपकार थे बाबू जी।
हम सब बच्चो का सारा संसार थे बाबू जी।।

मां बाप से ज्यादा हमेशा हमे वो लाड़ देते थे।
हर संकट के सामने होकर हमे वो आड़ देते थे।
आप ही से हम और सारे तीज त्योहार थे बाबू जी
हम सब बच्चो का सारा संसार थे बाबू जी।

दिन भर की बात को सहेज समेट वो रखते थे।
दो घड़ी समय बिताने को साथ सबकी राह तकते थे।
आपसे ही सारे सपने थे, सब साकार थे बाबू जी
हम सब बच्चो का सारा संसार थे बाबू जी।

आपने सब किया बस कुछ कम कर गए
जाते जाते सबकी आंखें नम कर गए।
आप हमारे जीवन का अहम किरदार थे बाबू जी
हम सब बच्चो का सारा संसार थे बाबू जी।।

कोई भूलाना भी चाहे तो भी कहा भूला पाएगा
आपकी याद में ना तड़पे वो कठोर हृदय कहा से लायेगा
आप उस भगवान का दिया उपहार थे बाबू जी
हम सब बच्चो का सारा संसार थे बाबू जी।।



सत्यम द्विवेदी
कानपुर नगर 
उत्तर प्रदेश

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